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बड़ी खबर: जाखड़ मामले की गाज या प्रशासनिक सर्जरी? कोरबा SP का बड़ा एक्शन; महिला थाना प्रभारी लाइन हाजिर, पसान टीआई भी हटाए गए!

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और FIR में देरी; क्या जाखड़ कांड ने ली इन थाना प्रभारियों की 'कुर्सी'?

कोरबा। जिला पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिस महकमे में एक बड़ा फेरबदल किया है। एसपी द्वारा जारी तबादला सूची के बाद गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या हाल ही में गरमाए ‘जाखड़ मामले’ में बरती गई कथित लापरवाही और उदासीनता इन अधिकारियों को ले डूबी है?

इस फेरबदल में सबसे बड़ी गाज महिला थाना प्रभारी भावना खंडारे पर गिरी है, जिन्हें सीधे रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया गया है। वहीं, पसान थाना प्रभारी एएसआई चंद्रपाल खांडे को भी हटा दिया गया है।

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क्या जाखड़ मामले की ‘उदासीनता’ ले डूबी प्रभारियों को? लग रहे हैं कयास!

चूंकि यह प्रशासनिक सर्जरी ठीक उसी वक्त हुई है जब पसान का ‘जाखड़ मामला’ पूरे जिले में सुर्खियां बटोर रहा है, इसलिए राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे उस घटनाक्रम से जोड़कर कयासों का बाजार गर्म है। बता दें कि पसान के भाजपा नेता और जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़ पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बावजूद कार्रवाई में हुई देरी को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे।

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हालांकि, पुलिस विभाग ने इस सूची को पूरी तरह से ‘प्रशासनिक और रूटीन’ फेरबदल बताया है। विभाग की ओर से इस कार्रवाई को किसी मामले से जोड़ने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लिहाजा इसे एक प्रशासनिक संयोग भी माना जा रहा है। लेकिन डैमेज कंट्रोल और व्यवस्था सुधार के तौर पर जनता इसे एसपी सिद्धार्थ तिवारी का बड़ा कदम मान रही है।

किसे कहाँ मिली जिम्मेदारी? देखें पूरी सूची:

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 महिला थाना कोरबा: निरीक्षक भावना खंडारे को हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन) भेजा गया है। उनकी जगह कोतवाली में पदस्थ एसआई रश्मि थॉमस को महिला थाने की नई कमान सौंपी गई है।

 पसान थाना: एएसआई चंद्रपाल खांडे को हटाकर सिविल लाइन रामपुर भेजा गया है। उनकी जगह पर अनुभवी निरीक्षक सुरेंद्र राम यादव को पसान का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

 अन्य फेरबदल: एएसआई घनश्याम सिंह राजपूत को सिविल लाइन रामपुर से कुसमुंडा भेजा गया है। प्रधान आरक्षक धनंजय तिवारी को रामपुर से पाली और प्रधान आरक्षक नरेंद्र लहरे को पाली से सिविल लाइन रामपुर पदस्थ किया गया है।

नए कप्तानों के सामने ‘न्याय’ की बड़ी चुनौती

एक तरफ जहां महिला थाना प्रभारी को लाइन भेजने को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं पसान जैसे संवेदनशील इलाके में एएसआई को हटाकर एक फुल-फ्लैश निरीक्षक (इन्स्पेक्टर) को बिठाना यह साफ करता है कि पुलिस कप्तान अब क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर हैं।

अब जिले की नजरें नवनियुक्त महिला थाना प्रभारी रश्मि थॉमस और पसान प्रभारी सुरेंद्र राम यादव पर टिकी हैं। देखना होगा कि क्या ये नए अधिकारी इन कयासों के बीच बेबस पीड़िता को न्याय दिलाते हुए नियम सम्मत निष्पक्ष कार्रवाई करते हैं, या फिर कहानी ढाक के तीन पात ही रहेगी?

A Pranav

professional journalist

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